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Vedic Period Civilization in hindi

Vedic Period Civilization in hindi

वैदिक काल

वैदिक सभ्यता के निर्माता आर्य थे। जहां 1750 ईसा पूर्व में सिंधु सभ्यता का पतन हुआ वहीं दूसरी तरफ 1500 ईसा पूर्व में वैदिक काल का प्रारंभ हो गया।  वैदिक काल को दो भागों में बांटा जाता है। ताकि, वैदिक काल का अध्ययन करने में आसानी हो। पहला 1500 से 1000 ईसा पूर्व है। इस काल को ऋग्वेदिक काल कहा जाता है, और 1000 ईसा पूर्व से 600 ईसा पूर्व तक का समय उत्तर वैदिक काल के रूप में जाना जाता है। चलिए अब से समझते हैं कि वास्तव में वैदिक काल क्या है।

Vedic Period Civilization in hindi

  “Vedic Period Civilization in hindi” : – जैसा आप सभी जानते हैं की हड़प्पा सभ्यता 2350 से 1750  ईसा पूर्व तक चली। परंतु 1750 ईसा पूर्व में हड़प्पा सभ्यता का धीरे-धीरे पतन हो गया। यह सच कि हड़प्पा सभ्यता के पतन के ठीक-ठीक कारण किसी को पता नहीं। लेकिन, फिर भी माना जाता है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण लोग धीरे धीरे सिंधु घाटी सभ्यता छोड़कर जाने लगे। या, इस सभ्यता का पतन होने लगा। हम अंदाजा लगा सकते हैं

हड़प्पा सभ्यता की जगह पर जो लोग आए या हड़प्पा वासियों के बाद जो संस्कृति उभरी वही संस्कृति और समाज वैदिक समाज के नाम से जाना गया। परंतु हमें यह अच्छी तरह पता होना चाहिए, कि वैदिक समाज या वैदिक सभ्यता हड़प्पा सभ्यता से बिल्कुल अलग थी। जहां हड़प्पा में मातृसत्तात्मक समाज था उसी प्रकार वैदिक काल में पितृसत्तात्मक समाज ने जगह बना ली थी।

इस सामाजिक परवर्ती का बिल्कुल उलट जाना इस बात का सबूत है की, समाज के यह नए लोग हड़प्पा वासी तो बिल्कुल नहीं थे। क्योंकि अगर हड़प्पा वासी आर्यों में कन्वर्ट होते तो इतनी जल्दी समाज का और संस्कृतियों का पूरा का पूरा उलट जाना संभव नहीं था। इस बात से यह सिद्ध होता है कि, वैदिक काल के लोग यानी कि आर्य कहीं ना कहीं बाहर से ही आए थे। या कह सकते आर्य बाहरी आक्रमणकारी थे जो एक ऐसी जगह की तलाश में थे, जहां का मौसम अच्छा हो। जमीन खेती करने के लायक हो। और वे वहां अपना जीवन बसर कर ।

Vedic Period Civilization in hindi : इन सभी सवालों के जवाब के रूप में उन्हें वह जगह मिल गई जिसे हम हड़प्पा सभ्यता के नाम से जानते हैं। इस बात मैं इतिहासकारों के बीच खुद मतभेद है की आर्यों ने हड़प्पा वासियों पर हमला किया और उनकी जगह पर कब्जा कर लिया या हड़प्पा वासियों के पतन के बाद आर्य वहां आए। क्योंकि कुछ इतिहासकारों का मानना है कि जब तक आर्य भारत आए उस वक्त तक हड़प्पा सभ्यता का पूरी तरह से पतन हो चुका था। अब चाहे यह कहा जाए कि आर्यों से पहले सिंधु घाटी सभ्यता का पतन हो गया,

यह कहा जाय कि आर्यों ने आकर सभ्यता का पतन कर दिया। परंतु,  दो सत्य तो यही निकलेंगे की विश्व की महानतम और भारत की पहली सभ्यता का पतन हो चुका था और दूसरा यह कि आर्य बाहरी आक्रमणकारी थे। या किसी अन्य देश से आए हुए लोग थे। जो भारत में शक, कुषाण, इंडो ग्रीक, मुस्लिम शासक, मुगल, अंग्रेज, और फ्रांसीसी की तरह भारत में अपनी जगह बनाना चाहते थे। यह तथ्य इतना बड़ा तथ्य है कि बहुत सारे विद्यार्थी यह बात जान भी नहीं पाते कि भारत को आर्य शब्द या ब्राह्मण समाज व्यवस्था भारत से प्राप्त ना हो कर बाहर किसी देश से प्राप्त हुई है। अब प्रश्न यह उठता है बाहर के यह लोग कहां से आए थे जिन्होंने भारत में अपना घर बनाया और मुगलों की तरह भारत में स्थापित हुए।

Vedic Period Civilization in hindi : – अगर आर्यों का मूल स्थान की बात करें तो उसके बारे में बहुत सारे मतभेद। अलग अलग इतिहासकार अपने अलग-अलग विचार देते हैं। लेकिन जो विचार सबसे ज्यादा इतिहासकारों ने दिया है उसके हिसाब से आर्य आल्पस पर्वत के पूर्वी क्षेत्र यूरेशिया से भारत आए थे। आर्यों के बारे में जो भी जानकारी मिलती है वह जानकारी ऋग्वेद से मिलती है।

इसके अलावा कुछ अभिलेख है जो आर्यों के भारत में होने की गवाही देते हैं। जैसे, बेगज कोई अभिलेख ,या फिर इराक से मिला हुआ कसाइट अभिलेख।  ऋग्वेद कालीन जो आर्य थे वे ज्यादातर घुमंतू प्रवृत्ति के थे जो एक जगह पर घर बनाकर नहीं रहते। एक 1500 पूर्व से 1000 ईसा पूर्व तक का यह वक्त आर्यों की सभ्यता का शुरुआती दौर था। इस समय में आर्य धीरे धीरे एक जगह ठहरना सीख रहे थे। 1500 से 1000 ईसा पूर्व के वक्त की जानकारी सिर्फ ऋग्वेद से मिलती है।

 

Vedic Period Civilization in hindi : ऋग्वेद काल के आर्य सबसे पहले पंजाब और अफगानिस्तान के इलाकों में आकर बसे। ऋग्वेद के अंदर सप्त सैंधव प्रदेश का वर्णन एक ऐसी जगह के रूप में मिला है जो 7 नदियों से  तेरी हुई थी घिरी हुई थी।सात नदिया सिंधु, सतलुज, व्यास, रावी, चेनाब, झेलम, और घग्गर नदी के रूप में पहचानी गई। इसी तरह ऋग्वेद में अफगानिस्तान की 4 नदियों का उल्लेख मिलता है जिसमें पहली नदी कूभा, दूसरी नदी क्रूमू,तीसरी गोमती और अंतिम नदी सुवासतू है।

 

आर्यों की धार्मिक स्थिति

Vedic Period Civilization in hindi : यदि धर्म की बात करें तो आर्यों ने भारत को जो  धार्मिक व्यवस्था प्रदान की थी उसकी कोई ना कोई झलक भारत में आज भी देखने को मिलती है। वास्तविकता यह है कि आर्यों को स्वयं को सबसे ऊपर रखना था, इसी कारण उन्होंने एक धार्मिकथ्योरी पेश की।

आर्य के अनुसार सृष्टि के निर्माता ब्रह्मा है। ब्रह्मा के मुख से जन्म हुआ ब्राह्मण का।यही कारण है की ब्राह्मण सामाजिक ढांचे के सबसे ऊंचे हिस्से पर मौजूद है। धर्म के दूसरे हिस्से पर क्षत्रियों को बैठाया गया। यह वही लोग थे जिन्होंने ब्रह्मा की भुजाओं से जन्म लिया था। इन्हें ज्यादा नीचे की जगह देना सही नहीं था क्योंकि जब आर्य समाज किसी खतरे का सामना करता तो यह लोग सुरक्षा के काम आते थे।

समाज का तीसरा हिस्सा बने वैश्य जिन्हें व्यापारी कहा जा सकता है। यह लोग आमतौर पर पैसे वाले होते थे। और, आर्यों के अनुसार इनका जन्म ब्रह्मा की जंघा से हुआ। परंतु जो अंतिम और सबसे निचले हिस्से के लोग थे वह शूद्र हुआ करते थे। शुद्र पर हर प्रकार के शोषण को ब्राह्मणों द्वारा अनुमति प्रदान की। उन पर बहुत तरह के प्रतिबंध लगे हुए थे।

उन्हें शहर के बाहर रहकर मरे हुए जानवरों पर अपना गुजारा करना पड़ता था। यह संभव है यह लोग वो लोग थे जो उस समय पहले से भारत के निवासी हो यानी के वास्तविक भारतीय। कोई भी व्यक्ति समझ सकता है कि जब आर्य भारत में बाहर से आए और उन्होंने भारत को वर्ण व्यवस्था प्रदान की तो कोई भी व्यक्ति अपने साथ आए लोगों को या, अपने नजदीकी लोगों को वर्ण में सबसे निचले हिस्से मैं नहीं रखेगा। तो यह संभव है

आर्यों ने भारतीय लोगों को शूद्र कहां हो। और उन्हें शहर से बाहर रहकर मरे हुए जानवरों पर गुजारा करने पर विवश किया हो। यह भी संभव है के उनकी संपत्ति पर आर्यों द्वारा जबरन कब्जा किया गया हो इसी कारण इन लोगों के शहर में घुसने पर पाबंदी लगा दी गई। संभावनाएं तो बहुत सारी है परंतु एक वास्तविकता बिल्कुल साफ है भारत को वर्ण व्यवस्था आर्यों की ही देन थे, जिसके चारों तरफ पूरा वैदिक काल घूमता है। आर्य एकेश्वरवाद में विश्वास रखते थे। यह कहा जा सकता है कि उन्होंने प्राकृतिक शक्तियों का मानवीय करण करके उनकी पूजा करनी शुरू की। उनके कई देवता थे जैसे आकाश का देवता, अंतरिक्ष के देवता, और पृथ्वी के देवता।

Vedic Period Civilization in hindi : ऋग्वेद में सबसे ज्यादा लोकप्रिय देवता के रूप में इंद्र को माना जाता है। इंद्र के लिए ऋग्वेद में 250 सूक्त समर्पित है। और देवता सोम का उल्लेख 9वे मंडल में है। आर्यों के इंद्र के बाद महत्वपूर्ण देवता अग्नि थे। और अग्नि को मनुष्य और देवताओं के बीच मध्यस्थ माना जाता था। इसी प्रकार तीसरे प्रमुख देवता वरुण थे।

Indus valley civilization in Hindi

रिग वैदिक आर्यों की राजनीतिक स्थिति

Vedic Period Civilization in hindi : राजनीतिक स्थिति में सबसे छोटी इकाई कुल यानी परिवार थी।  और इसका प्रधान कुलप होता था।इसी प्रकार शासन की ऊंची इकाइयां ग्राम, विश और जन थे। इसमें विश कई ग्रामों का समूह होता था। और विश्  का प्रधान विश्पति कहलाता था।इसी तरह ग्राम का प्रधान ग्रामणि था। और बहुत सारे विश के समूहों को जन कहते थे। और जन के प्रधान को जनपति कहा जाता था।

इस व्यवस्था में जनपति यानी के राजा के चुनाव में समिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी। इसमें विधा, समिति, गण और विदथ जैसी संस्थाओं का भी उल्लेख मिलता है। राजा की मदद करने वाले लोगों में पुरोहित, सेनानी और ग्रामीणी नाम के मुख्य अधिकारी थे। जो, राजा को शासन करने में सहायता करते और अपने सलाह मशवरे देते थे। इसी प्रकार ऋग्वेद की सबसे पुरानी संस्था विदथ थी,और इसमें लूटी हुई वस्तुओं का बंटवारा किया जाता था।रिग वैदिक काल में स्त्रियां केवल सभा में भाग ले सकती थी। और सभा मुख्य रूप से वृद्ध लोगों और कुलीन व्यक्तियों की संस्था थी।

 

Vedic Period Civilization in hindi : लोग राजा को स्वेच्छा से जो उपहार देते थे उसको बली के नाम से जाना जाता था। बली के बदले राजा प्रजा की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेता था। ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे सिद्ध हो कर राजा नियमित रूप से सेना रखता था। बल्कि, कबायली टोलियां राजा की ओर से लड़ाई लड़ती थी।

 

प्रारंभिक वैदिक काल में समाज की स्थिति

Vedic Period Civilization in hindi : प्रारंभिक वैदिक काल में इन लोगों का जीवन स्थाई नहीं था। इनका मुख्य पेशा कृषि था। उस समय गाय बहुत महत्वपूर्ण थी। संभव है गाय की संख्या धन की संख्या का बोध कराती थी। इस समय बढ़ाई, रथ कार, बुनकर, चर्मका,र कुम्हार और शिल्पी ओं का उल्लेख मिलता है।

 

स्त्रियों की स्थिति

Vedic Period Civilization in hindi : समाज में स्त्रियों की दशा काफी अच्छी थी। और, स्त्रियों में पुनर्विवाह, नियोग प्रथा और बहु पति विवाह का प्रचलन था। यह वही समय था जब स्त्रियों को यज्ञ करने का अधिकार था। रिग वैदिक काल में पर्दा प्रथा, सती प्रथा, और बाल विवाह का प्रचलन नहीं था।

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Indus Valley Civilization

Indus Valley Civilization: The Indus Valley Civilization is a civilization that is the oldest civilization of India. This is why Indus Valley Civilization has its own historical significance. If history is discussed, then the earliest history of history is the Indus Civilization. Indus civilization, which is a very easy subject but till date, students are stuck somewhere, while reading this topic. When we hear names like Lothal, Kalibanga, Harappa, and Dholavira, we come to understand this name but we are unable to connect them with each other somewhere. This is the lack of which, due to the whole story till the beginning and end of Indus Civilization, many students can not understand. For this reason we will discuss this topic in detail in this article.

 

Indus Valley Civilization Begins

Indus Valley Civilization: Actually the Indus Valley Civilization is India’s oldest civilization. In the first scholars, there was a lot of differences in its time. The scholars put different types of speculation, one had believed that the Indus civilization was 3300 years old and someone would say that the period of Indus Civilization began from 2500 B.C. But the reality was something else, and in the future, after the development of the technology named carbon 14 (C-14), it was discovered that Indus Valley Civilization was in fact 2350 BC to 1750 BC. In this time the development of the Indus Valley civilization emerged and collapsed. Due to being so old of India’s civilization, there is no complete and convincing evidence of everything. The story that this civilization is based on is mostly based on imagination. The direct meaning of this means that if an archeology department has received something from the excavator or from some other place and it seems as if it was from ancient times. So, first of all, its time is to find out how much it is. Knowing this thing, the object is added to the things of that time. And then it is imagined how the object would be used, and which class would be used. Similarly, the things received in Indus Valley Civilization are based on mere imagination. From this, we can know how the social status of civilization will be. The things used to be there show that civilization that reflects the cultural condition.

Talk about the beginning of Indus Civilization in 2350 BC. And even after such an old civilization, Indus Valley Civilization has many modern properties, in a way, this civilization has modernized itself in modernity. The things gained in this civilization get information that it was completely an urban civilization.

Harappan civilization was discovered

Indus Valley Civilization: Initially, the British believed that Indian history started with the invasion of Alexander, and was proud of this thing, his civilization was an old civilization with Indian civilization and considered Indian people to be rude. But British officials were surprised when there was a shortage of bricks while laying railway lines in India, and they started digging these ruins for the supply of these bricks. But the workers were surprised by seeing the materials received here and informed the officials. In this way, in 1921, the first ruins of Harappan civilization were started by Dayaram Sahni. At that time, John Marshall, president of the Archaeological Survey Department, was under the direction of this work. In this way we came to know how old India’s history is.

Town planning

The search for Indus Valley Civilization, however, made the whole of India proud. But there was still a lot of things that were ready to make four people in this civilization. The first of these was the city plan. The city plan of Harappa civilization proved that even in 2350 BC, Indians were so decent that they had built a great city plan. It is true that the plan of the Harappan civilization in India was special incomparable. And this was the specialty of the Indus Valley Civilization which first attracted attention to the Archeology Department. The town plan of Indus Valley Civilization has a lot of features in which there is a specialty drainage system. The drainage system of the town was planned in a planned manner. The water through the small drains of the water entered the drains made on the banks of the streets by the drains through the streets in the streets and went through the streams and fell directly into the river. Drains in the Harappan civilization were always covered and kept completely together. We can predict that even today even if all the drains are not completely covered, how high the standard of cleanliness in India’s civilization.

In addition to the drains, there was another specialty of road construction in the Nagar Yojana. How the roads were constructed that they cut each other at exactly the right angle. And the roads were clean and wide. Thus, the construction of roads indicates that Harappan residents were aware of the well planned town plan. In Indus Valley Civilization, every town was divided into two parts, the first account was the Western Tila and the second part was the eastern mound. Thus, the western mounds used to be relatively small and taller than the eastern mound. The fort was set on them. The type of evidence found in the cities proves that in these cities, there will be common people like craftsmen, businessmen and ordinary citizens.

The special thing in the houses built in the city is that the windows that are windows

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