governor of india

governor of india

राज्यपाल

governor of India : जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत में संघ और राज्य दोनों में संसदीय शासन प्रणाली की स्थापना हुई है और इस प्रकार सिंह का संवैधानिक प्रधान राष्ट्रपति होता है राष्ट्रपति को पूरे देश में शक्ति प्राप्त होती है परंतु राज्य स्तर पर संवैधानिक प्रधान राज्यपाल होता है जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है और governor of india राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत अपने पद पर बना रहता है अनुच्छेद 153 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल नियुक्त करने का विधान है परंतु एक ही व्यक्ति दो या दो से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है

राज्यपाल के पद के लिए कुछ योग्यता होना आवश्यक है जय भारत का नागरिक को राज्यपाल बनने के लिए कम से कम 35 वर्ष की उम्र होना आवश्यक है राज्यपाल किसी भी राज्य में विधानमंडल या संसद का सदस्य नहीं हो सकता यदि व्यक्ति जो राज्यपाल का पद ग्रहण करने वाला है पहले से किसी राज्य की विधान मंडल या संसद का सदस्य है तो उसे पहले अपनी सदस्यता से त्यागपत्र देना होगा राज्यपाल बनने के लिए व्यक्ति सरकार के अधीन किसी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए और अंतिम बिंदु के अनुसार न्यायालय द्वारा दिवालिया घोषित व्यक्ति governor of india बनने के योग्य नहीं होता

राज्यपाल की वेतन संबंधी बढ़ोतरी सन 2008 में 36000 से बढ़ाकर ₹110000 प्रतिमाह कर दी गई प्रतीक राज्यपाल का कार्यकाल मात्र 5 वर्ष का होता है परंतु 5 वर्ष से पहले भी राज्यपाल को अपने पद से हटाया जा सकता है और दूसरी स्थिति में 5 वर्ष के बाद भी अपने पद पर तब तक बना रह सकता है जब तक नया राज्यपाल उसकी जगह पद ग्रहण नहीं करता क्योंकि राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत पद धारण करता है

governor of India : राज्य की कार्यपालिका की शक्तियां governor of india के अंदर निहित होती है इन शब्दों का प्रयोग राज्यपाल सेव कर सकता है या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से करता है पूरे राज्य का समस्त शासन राज्यपाल के नाम से चलाया जाता है राज्यपाल के पास निम्नलिखित अधिकार होते हैं

  1. राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करता है तथा मुख्यमंत्री की सलाह से अन्य मंत्रियों की नियुक्ति की जाती है
  2. राज्य के महाधिवक्ता राज्यों के लोक सेवा आयोग के चेयरमैन तथा अन्य सदस्यों की नियुक्ति भी राज्यपाल द्वारा की जाती है
  3. राज्यपाल राज्य की विधानसभा में एंग्लो इंडियन व्यक्ति को मनोनीत कर सकता है

Powers of Governor in India

राज्यपाल के स्वयं विवेक संबंधी अधिकार

governor of India : असम के राज्यपाल को अनुसूचित जातियों वाले क्षेत्र में अपनी मर्जी से निर्णय तथा शासन करने के कुछ खास अधिकार प्राप्त है इसी प्रकार governor of india अपनी इच्छा से शासन कर सकता है लेकिन इसके लिए वे भारत के राष्ट्रपति के लिए उत्तरदाई होता है और उनके प्रतिनिधि के रूप में इन अधिकारों का प्रयोग कर सकता है यदि विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता तो राज्यपाल अपने विवेक के अनुसार उस व्यक्ति को मुख्यमंत्री नियुक्त करता है जो विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर सकता हो

वैधानिक शक्तियां

governor of India : राज्यपाल को काफी सारी वैधानिक से क्या प्राप्त होती है यह बात सत्य है कि राज्यपाल विधान मंडल का सदस्य नहीं होता लेकिन राष्ट्रपति की तरह वह भी विधान मंडल का अंग होता है अधिवेशन के संबंध में राज्यपाल को इस बात का ध्यान रखना पड़ता है कि दो अधिवेशन के बीच 6 माह से अधिक का समय ना हो राज्यपाल विधान मंडल के किसी भी सदन में अपना संदेश भेज सकता है या अपना भाषण दे सकता है जैसे संघ के स्तर पर विधेयक और अधिनियम का जरूर ध्यान करने के लिए राष्ट्रपति की सहमति की आवश्यकता होती है

उसी प्रकार राज्य स्तर पर कोई भी विधायक अधिनियम कभी बन सकता है जब उस पर राज्यपाल की स्वीकृति होती है और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद में विधेयक पूर्ण रूप से अधिनियम का रूप ले लेता है राज्यपाल के पास अधिकार होता है कि मैं किसी भी विधेयक को राष्ट्रपति की अनुमति के लिए रोक ले परंतु धन विधेयक राज्यपाल की स्वीकृति से ही विधानमंडल में पेश किया जाता है राज्यपाल विशेषकर ऐसे विधायकों को राष्ट्रपति के अनुमति के लिए रुकता है जिनसे उच्च न्यायालय के अधिकार प्रभावित हो रहे हो

संकट कालीन शक्तियां

governor of India : यदि governor of india को यह अनुभव होता है किस शासन में राज्य की आंतरिक शांति भंग हो गई है या होने की संभावना है अथवा शासन संविधान के अनुसार नहीं चलाया जा रहा तो वह इसकी सूचना भारत के राष्ट्रपति को देता है इसके अनुसार भारत का राष्ट्रपति आपात कालिया राष्ट्रपति शासन की घोषणा कर सकता है ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति के आदेश अनुसार शासन का पूरा कार्यभार राज्यपाल अपना हाथ में ले सकता है राज्य का अध्यक्ष होने के कारण राज्यपाल विधान सभा को भंग करने या उसकी अवधि बढ़ाने का भी अधिकार रखता है राज्यपाल मुख्यमंत्री से किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त करने का अधिकार रखता है इसी के साथ मुख्यमंत्री का भी यह कर्तव्य है कि वह अपने राज्य के राज्यपाल को अपने मंत्रिमंडल के सभी निर्णयों से अवगत कराएं और सभी निर्णयों की जानकारी उपलब्ध कराएं

वित्तीय शक्तियां

governor of India : वित्तीय शक्तियों के अनुसार राज्यपाल के पास धन विधेयक संबंधित शक्तियां कोई भी धन विधेयक राज्यपाल की सिफारिश के बिना विधानसभा में पेश नहीं किया जा सकता इसके साथ ही राज्य की आकस्मिक निधि पर राज्यपाल का नियंत्रण होता है और इस विधि में से संकट काल में आवश्यकता पड़ने पर राज्यपाल धन का व्यय कर सकता है

राज्यपाल की न्याय संबंधी शक्तियां

governor of India : राज्यपाल को उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए ऐसे दंड को कम करने स्थगित करने तथा परिवर्तित करने का संपूर्ण अधिकार प्राप्त है जो राज्य की कार्यपालिका की शक्ति के अंदर आते हैं परंतु राज्यपाल ऐसे अपराधों के लिए इन अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकता जो संघ शासन की कार्यपालिका के अंतर्गत आते हैं ऐसा करने का अधिकार सिर्फ भारत के राष्ट्रपति को ही प्राप्त है राज्यपाल मृत्युदंड को पूरी तरह से माफ नहीं कर सकता परंतु कुछ समय के लिए आगे बढ़ा सकता है

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